Sunday, August 12, 2007

६० साल हमारे आजादी के ......


क्यू मरते हो सनम के लिए
दो गज जमीं नही मेलेगी
दफ़न के लि
मरना है तो मरो वतन के लिए
हसीना भी दुपट्टा फाड़ देगी
कफ़न के लिए

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